" "

भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत समर्थक

Follow by Email

मायावती को कांग्रेस का 400 करोड़ का दिवाली उपहार प्यार के साथ!

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीएसपी की मुखिया मायावती पर कांग्रेस किस कदर मेहरबान है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण इलाके लुटियंस जोन में उन्हें तीन बंगले आवंटित किए गए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि मायवती ने तीनों बंगलों को मिलाकर एक विशाल बंगला तैयार कराया है और सीपीडब्लूडी ने इसे बाकायदा मंजूरी भी दी है। इस नए बंगले का क्षेत्रफल 28800 वर्ग फुट है और इतना बड़ा बंगला किसी मंत्री के पास भी नहीं है।

बंगलों को इस तरह मिलाना गैरकानूनी है। इस नए बंगले में अनाधिकृत निर्माण किया गया है। फाइबर शीट की छतें बनाकर जगह घेरी गई है।

आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने सूचना के अधिकार के तहत इनके बारे में जानकारी मांगी थी। उन्हें बताया गया कि ये इकाई बहुजन प्रेरणा ट्रस्ट को दी गई थी।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी मायावती के भाई के ४०० करोड़ वापिस कर दिए हैं 

मोदी-राहुल दोनों PM पद के लिए अनफिट: अन्‍ना हजारे

Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare, Rahul Gandhi, narendra modi, anna hazare,

पीएम पद की उम्‍मीदवारी को लेकर जहां देश गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की दावेदारियों के ऊपर बहस कर रहा है वहीं समाजसेवी अन्‍ना हजारे ने कहा कि इस पद के लिए दोनों ही फिट नहीं हैं.

जनतंत्र यात्रा को लेकर उत्तर भारत में जगह-जगह रैली कर रहे अन्‍ना हजारे ने कहा कि जनता को अधिकार होना चाहिए कि वह देश के प्रधानमंत्री चुन सके ना कि वह राजनीतिक पार्टियों द्वारा चुना जाए.

उन्‍होंने कहा कि उनके द्वारा निकाली गई यह जनतंत्र यात्रा लोगों को नींद से जगाने के लिये है. हजारे ने कहा कि लोकसभा एक मन्दिर है और जनता की यह जिम्मेदारी है कि वे सही जनप्रतिनिधि को चुनकर संसद मे भेजे ताकि उसकी पवित्रता कायम रहे. जनता को जागना होगा तभी देश का भला हो सकता है.

उन्होंने कहा कि अभी हमें श्रेष्ठ भारत का निर्माण करना है. लोकसभा चुनाव में गुण्डे, माफिया, चोर, लूटेरे और भ्रष्ट नेता किसी भी स्थिति में जीत न पाये. इसके लिये जनता उन्हें अपनी वोट की ताकत का अहसास कराये और शहीद भगत सिह राजगुरू और सुखदेव के सपनों का भारत बनाये.

पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने कहा कि देश की आजादी के 65 वर्ष के अन्तराल में देश की जनता के स्थिर मन को बदलने के लिये व्यवस्था में परिवर्तन करना होगा और इस परिवर्तन के लिये बहुत काम करना पडेगा.

सिंह ने कहा कि देश में बढ रहा भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह चाट रहा है, जिसका इलाज बेहद जरूरी है. इस देश की असली मालिक तो जनता है. लेकिन वह अपनी ताकत नहीं पहचान पाती और देश की बागडोर सही हाथों में नहीं सौंप पाती.

सिंह ने कहा कि अल्पमत हासिल करने वाला भी सांसद या विधायक बन जाता है यह व्यवस्था ठीक नही है इसे बदलने की आवश्यकता है.

देश के भ्रष्ट लोगों के खिलाफ लड़नी लड़ाई : अन्ना हजारे


आजादी की लड़ाई में शहीद भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव सिंह की अहम भूमिका रही है। उनके बलिदान से देश को आजादी मिली है। लेकिन देश के अंदर बैठे भ्रष्ट लोगों के खिलाफ एक लड़ाई ओर लड़नी है ताकि देश को बचाया जा सके। यह बात भ्रष्टाचार के खिलाफ जनआंदोलन छेड़ने वाले व समाजसेवी अन्ना हजारे ने कही। वे बुधवार को भिवानी रोड स्थित जनसेवा संस्थान में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसके उपरांत उन्होंने पत्रकारवार्ता को भी संबोधित किया।

जनसेवा संस्थान के अध्यक्ष स्वामी परम चैतन्य की सेवाओं से प्रभावित अन्ना हजारे ने कहा कि इस प्रकार की सेवा की भावना से उन्हें भी सेवा करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होने कहा कि जनता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। उन्होंने कहा कि देश 66 वर्ष की स्वतंत्रता के बाद सेवा भाव मिट जाने से भ्रष्टाचार में लिप्त हो गया हेै। इस स्थिति के लिए किसको दोष दिया जाए। उन्होंने कहा कि आज सता से पैसा ओर पैसे से सता का चलन बढ गया है। अन्ना ने कहा कि राजनैतिक लोग चाहते है कि वे शमशान घाट पर भी राज सिंहासन पर बैठ कर जाएं। उन्होंने कहा कि अगर आमजन यही भावना मन में रखे की वे क्या ले कर आया है ओर क्या लेकर जाऐगा तो स्थिति में परिवर्तन आ सकता है। उन्होनें उपस्थित जनसमूह से आहवान किया कि वे भ्रष्टाचारी व असामाजिक तत्वों की न सुने ओर अपने वोट का सही प्रयोग करते हुए चरित्रवान को ही अपना मत दे। अन्ना हजारे ने कहा कि 1965 के युद्ध के समय उन्होंने निर्णय लिया था कि वे अपना बाकी का जीवन देश व समाज की सेवा में लगा देगें। उन्होनें कहा कि आज देश के अंदर छुपे हुए शत्रुओं से लड़ाई लड़नी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड़ते हुए छह भ्रष्ट मंत्रियों व 400 से अधिक अधिकारियों को घर बिठा दिया है ओर अब भी उनका संघर्ष जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गांव-गांव जाकर इस विषय में लोगों को जागरूक करने का आहवान किया।

- अन्ना हजारे ने सत्ता व विपक्ष पर भी साधा निशाना

सत्ता व विपक्ष पर निशाना साधते हुए अन्ना ने कहा कि सभी राजनेताओं ने बीस हजार चंदा देने तक हिसाब न देने का बिल पास करा दिया क्योकि सभी माल हजम करने में एक है। काले धन को सफेद बनाने के लिए राजनैतिक दलों को यह राह बडी आसान लगती है। इससे पहले जनसेवा संस्थान में पहुचने पर अन्ना हजारे की टीम का जोरदार स्वागत किया गया। सभा स्थल मंच पर सभी आगुतक नेताओं ने भारत माता के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित करके जनसभा का शुभारंभ किया। जनसेवा संस्थान पब्लिक स्कूल के बच्चों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत करके उपस्थित लोगो को भाव-विभोर कर दिया। सभा का संचालन जन जागरण समिति के अध्यक्ष स्वामी परम चैतन्य ने किया तथा संयोजक मेजर मेयर सिंह राठी ने सभी नेताओं व अतिथियों का स्वागत किया।

हार्ट अटैक के बजाए देश के लिए मरना बेहतर: अन्ना हजारे


फतेहाबाद : भ्रष्टाचार विहीन व्यवस्था लागू करवाने के लिए देश में आंदोलन चला रहे अन्ना हजारे चालीस वर्षो से घर नहीं गए हैं और न ही परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी रखते हैं। उनके लिए सब कुछ देश है। यह खुलासा स्वयं अन्ना हजारे ने फतेहाबाद में जनसभा के दौरान किया।

अन्ना बोले जीवन में व्रत लिया है कि जबतक जीना है समाज और देश के लिए जीना है। मरना है तो भी देश के लिए ही। हार्ट अटैक से मरने से तो बेहतर है कि देश के लिए मरे। इसीलिए जान हथेली में लेकर घूम रहा हूं, नहीं पता घर के क्या हालात हैं। कहां पर बहन है और तीन भाई है, और उनके बच्चों के नाम भी पता नहीं हैं। मंदिर में रहता हूं। एक बिस्तर और एक प्लेट है। देश के लिए योजनाओं करोड़ों की बनाई हैं किंतु अपना बैंक बैलेंस नहीं है। लड़ते लड़ते 6 मंत्रियों के विकेट लिए हैं और 40 अफसरों को चलता कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में लड़ रहा था तो कपिल सिब्बल बोले बाहर के लोगों को कानून बनाने की कमेटी में क्यों लें? तब उन्होंने कहा कि जिन्हें बाहर के बता रहे हो वह सत्ता के मालिक हैं और फिर सरकार की लाइट जगी और कमेटी बनी।

4 मई से यात्रा का दूसरा पड़ाव शुरू

पूर्व थल सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने कहा कि जनतंत्र मोर्चा की जनतंत्र यात्रा में अपार भीड़ जुट रही है और यात्रा अपने मकसद में कामयाब हो रही है। यात्रा का दूसरा पड़ाव 4 मई से उत्तर प्रदेश से शुरू होगा। यात्रा राजस्थान व मध्य प्रदेश में भी जाएगी। वे आज फतेहाबाद में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का कोई इरादा फिलहाल नहीं है। हालांकि कई पार्टियों से उन्हें ऑफर जरूर मिले हैं। उन्होंने कहा कि जनतंत्र मोर्चा का मकसद जनता को जगाने का है। जनता खुद फैसला करेगी किसे जिताना है। उन्होंने कहा कि सितंबर के प्रथम सप्ताह में दिल्ली में जन संसद बुलाई जाएगी। जिसमें एक बड़े परिवर्तन की शुरूआत नजर आएगी। नेताओं के साथ आने के संबंध में उन्होंने कहा कि जो नेता स्वार्थ छोड़ कर आना चाहे और चुनाव न लड़ने की शपथ लेगा उसे अपने साथ जोड़ेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा में यात्रा के सफल होने से किसी को डर लग रहा है। इसीलिए यात्रा के कार्य में बाधा पहुंचाई जा रही है। कैथल में पोस्टर फाड़े गए हैं। वहीं सोनीपत में बैनर की मंजूरी नहीं मिली। लगता है प्रशासन को निर्देश कहीं से मिले हैं।

परमाणु के विरूद्ध खुलकर बोले जनरल

सेवानिवृत्ति के तत्काल बाद परमाणु सयंत्र का विरोध करने पूर्व में भी गोरखपुर पहुंचे जनरल वीके सिंह ने एक बार फिर परमाणु सयंत्र की मुखालफत कर दी। जनरल ने कहा कि जमीन परमाणु सयंत्र के बदले अच्छा मुआवजा मिला। किसानों की बांछें खिल गई हैं। अच्छे मुआवजे से गाड़ियां आ गई। किंतु ये सब किसान के हित में नहीं है। बैलगाड़ी से सीधे गाड़ी में आने के नुकसान हैं। यह सब बाद में महसूस होगा। पैसा मिला है, खाना अच्छा मिलेगा। रहन सहन अच्छा होगा किंतु वो स्वच्छ हवा और तंदरुस्ती कहां से लाओगे जो गोरखपुर में है। उन्होंने कहा कि थर्मल पावर के कारण बठिंडा कैंसर कैपिटल बन गया है। वहीं कोटा परमाणु बिजली घर से शहर व आसपास का क्षेत्रफल स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि परमाणु सयंत्र के लगने से आम आदमी को लाभ नहीं बल्कि जो बाहर से सयंत्र मंगाकर यहां लगवाएंगे।

काले अंग्रेजों को सत्ता से करें बाहर: अन्ना हजारे


कैथल - अंग्रेज लुटेरे तो 150 साल तक लूटपाट करके चले गए और अब सत्ता जिन काले अंग्रेजों के हाथों में है वे उनसे कहीं ज्यादा लूट मचा रहे हैं। अब समय आ गया है कि घोटालों में संलिप्त केंद्र व राज्यों में भ्रष्ट सरकारों को उखाड़ फैंकें। यहां आयोजित जनसभा में सुप्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि जनतंत्र मोर्चा देशभर में नई जागृति पैदा कर रहा है और सो रहे लोगों को जगाने का काम कर रहा है।

अन्ना ने आरोप लगाया कि केंद्र के 2 मंत्रियों ने उनकी हत्या करवाने के लिए 30 लाख रुपए की सुपारी दी थी लेकिन सुपारी लेने वालों ने मेरी हत्या करने से मना कर दिया।

पद्मसिंह पाटिल (एनसीपी नेता) ने दी मेरे नाम की सुपारीः अन्ना हजारे


पद्मसिंह पाटिल, एनसीपी नेता, अन्‍ना हजारे, सुपारी, जान को खतरा, पद्मसिंह पाटिल, एनसीपी नेता, अन्‍ना हजारे, सुपारी, जान को खतरा, पद्मसिंह पाटिल, एनसीपी नेता, अन्‍ना हजारे, सुपारी, जान को खतरा, पद्मसिंह पाटिल, एनसीपी नेता, अन्‍ना हजारे, सुपारी, जान को खतरा, पद्मसिंह पाटिल, एनसीपी नेता, अन्‍ना हजारे, सुपारी, जान को खतरा, पद्मसिंह पाटिल, एनसीपी नेता, अन्‍ना हजारे, सुपारी, जान को खतरा,
यमुनानगर। गांधीवादी समाजसेवी अन्‍ना हजारे की जान को खतरा है और किसी उन्‍हें मारने की सुपारी भी दे डाली है। जी हां इस बात का खुलासा खुद अन्‍ना हजारे ने किया है। अन्‍ना हजारे ने कहा है कि उनकी जान को खतरा है और महाराष्‍ट्र के एक नेता ने उनकी हत्‍या की सुपारी दे डाली है। अन्‍ना ने एनसीपी के नेता पर सुपारी देने का आरोप लगाया है। देशव्‍यापी जनयंत्र यात्रा पर निकले अन्‍ना हजारे ने हरियाणा के यमुनानगर में इस सनसनीखेज बात का खुलासा किया। अन्‍ना हजारे ने कहा कि एनसीपी का एक नेता उनकी जान के पीछे पड़ा है। अन्‍ना हजारे के इस खुलासे के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया है। जनतंत्र यात्रा में जनसैलाब को संबोधित करते हुए अन्‍ना हजारे ने कहा कि एनसीपी नेता पद्मसिंह पाटिल से उनकी जान को खतरा है। 

उन्‍होंने कहा कि मेरे आंदोलनों से कुछ लोगों के मान को धक्का पहुंचता है। अगर जनता की राय लेकर कानून नहीं बनाया जाता है तो अंग्रेजों और मौजूदा सरकारों में कोई फर्क नहीं रह जाएगा। मालूम हो कि इससे पहले भी अन्‍ना हजारे की जान पर खतरे की खबरें आती रहीं हैं। बीते साल अक्‍टूबर में गृहमंत्रालय को उसकी ऐजेंसी ने खबर दी थी कि समाज सेवी अन्ना हजारे की जान को खतरा है। उन्हें सुरक्षा की जरूरत है। अगर वो सुरक्षा मांगेगे तो उन्हें दी जायेगी। मगर उस वक्‍त अन्‍ना हजारे ने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया था। 
\

केजरीवाल जल्‍द अनशन तोड़ देंगे: अन्‍ना

anna arvind kejriwal fast, anna arvind kejriwal fast, anna arvind kejriwal fast, anna arvind kejriwal fast, anna arvind kejriwal fast, anna arvind kejriwal fast,

anna arvind kejriwal fast


नई दिल्ली: दिल्ली में बिजली और पानी के बढ़े हुए बिलों के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का अनिश्चितकालीन अनशन आज 11वें दिन भी जारी है।  ‘आप’ के सूत्रों ने बताया कि बिजली और पानी के बढ़े बिल न देने की सविनय अवज्ञा की केजरीवाल की अपील का असर राजधानी वासियों पर बढ़ता जा रहा है, लेकिन केजरीवाल का अनशन जारी रहने से उनकी सेहत कमजोर होती जा रही है।

सोमवार को केजरीवाल का काफिला मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर रवाना हो रहा था, लेकिन पुलिस ने काफिले को भैरों मार्ग में रोका दिया। जिस कारण पु‍लिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।  आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री पर बड़े उद्योगपति से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि  फिलहाल केजरीवाल का अनशन जारी रहेगा।

अन्ना हजारे  ने सोमवार को पंजाब के मोगा में कहा कि केजरीवाल आने- वाले दो-तीन दिन में अनशन तोड़ देंगे। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने ने कहा कि केजरीवाल और उनकी राह भले ही अलग हो गई हो, लेकिन मंजिल एक ही है। इसके साथ ही उनका कहना था कि केजरीवाल जल्द ही अनशन तोड़ेंगे।

" "